bakari palan loan : आज के समय में बकरी पालन (Goat Farming) केवल एक पारंपरिक काम नहीं, बल्कि एक मुनाफे वाला आधुनिक बिजनेस बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे ‘गरीबों की गाय’ कहा जाता है, लेकिन अब पढ़े-लिखे युवा भी इसमें करियर बना रहे हैं। 2026 में केंद्र और राज्य सरकारें नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) के तहत इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए भारी सब्सिडी और आसान लोन उपलब्ध करा रही हैं।
अगर आप भी कम पूंजी के साथ एक स्थिर आय वाला व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आएगी।
लोन की संरचना: कितने पैसों की मिलेगी मदद?
बकरी पालन के लिए लोन की राशि आपके प्रोजेक्ट के आकार पर निर्भर करती है। NABARD और अन्य सरकारी बैंकों के माध्यम से मिलने वाले लोन को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
| बिजनेस का स्तर | बकरियों की संख्या | लोन की अनुमानित राशि |
| छोटा स्तर | 10 – 20 बकरियां | ₹1 लाख से ₹5 लाख तक |
| मध्यम स्तर | 20 – 50 बकरियां | ₹5 लाख से ₹25 लाख तक |
| बड़ा स्तर | 50+ बकरियां | ₹25 लाख से ₹50 लाख तक |
सब्सिडी, ब्याज दर और भुगतान की शर्तें
सरकार का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों पर वित्तीय बोझ कम करना है, इसलिए इस योजना में आकर्षक छूट दी गई है:
- भारी सब्सिडी: सामान्य वर्ग के लिए 25-35% और SC/ST, महिलाओं व दिव्यांगों के लिए 40-50% तक सब्सिडी का प्रावधान है। यानी अगर आप 4 लाख का प्रोजेक्ट शुरू करते हैं, तो 2 लाख रुपये सरकार दे सकती है।
- सस्ता ब्याज: इसकी ब्याज दरें वार्षिक 4% से 7% के बीच होती हैं। यदि आप किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का उपयोग करते हैं, तो ब्याज में और भी रियायत मिलती है।
- चुकौती का समय: लोन वापस करने के लिए 5 से 7 साल का लंबा समय मिलता है। इसमें 6 से 12 महीने का ‘मोरेटोरियम पीरियड’ भी होता है, जिसमें आपको कोई किस्त नहीं भरनी पड़ती।
पात्रता (Eligibility): कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए:
- आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो।
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- बकरियों को रखने के लिए पर्याप्त जगह (अपनी या लीज पर ली हुई जमीन) होनी चाहिए।
- पशुपालन विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण प्रमाणपत्र (Training Certificate) होने पर लोन मिलने में आसानी होती है।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन करने से पहले इन कागजातों को तैयार रखें:
- पहचान पत्र: आधार कार्ड और पैन कार्ड।
- निवास प्रमाण: वोटर आईडी या बिजली बिल।
- वित्तीय दस्तावेज: पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट और आय प्रमाण पत्र।
- जमीन के कागज: खसरा-खतौनी या किरायानामा (Rent Agreement)।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट: एक विस्तृत बिजनेस प्लान जिसमें खर्च और कमाई का ब्यौरा हो।
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
आप अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रक्रिया चुन सकते हैं:
- ऑफलाइन: अपने नजदीकी राष्ट्रीयकृत बैंक (जैसे SBI, PNB) या NABARD की शाखा में जाकर पशुपालन अधिकारी से मिलें और फॉर्म भरें।
- ऑनलाइन: केंद्र सरकार के DAHD (पशुपालन विभाग) के आधिकारिक पोर्टल या राज्य सरकार के कृषि/पशुपालन पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
- मंजूरी: दस्तावेज जमा करने के बाद बैंक अधिकारी आपके फार्म का निरीक्षण करेंगे और फिर लोन राशि स्वीकृत करेंगे।
एक्सपर्ट टिप: सफल बकरी पालन के लिए क्या करें?
लोन लेने से पहले सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन गोट्स (CIRG) या किसी सरकारी संस्थान से प्रशिक्षण जरूर लें। इसके अलावा, अच्छी नस्ल (जैसे- बरबरी, जमनापारी, या बीटल) का चुनाव करें ताकि दूध और मांस दोनों से अधिक मुनाफा हो सके।
2026 की बकरी पालन लोन योजना ग्रामीण युवाओं के लिए स्वावलंबी बनने का सबसे बेहतरीन मौका है। यह न केवल आपको आर्थिक मजबूती देगी, बल्कि आपके क्षेत्र में नए रोजगार भी पैदा करेगी।






