wheat management गेहूं की फसल अब परिपक्वता के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह वह महत्वपूर्ण समय है जब किसान भाई थोड़ी अतिरिक्त सावधानी और मेहनत से अपनी पैदावार को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इस में फसल आमतौर पर तीन अवस्थाओं में होती है – बालियां बन रही हों, बालियां पूरी तरह निकल चुकी हों या दानों में दूध भरने की प्रक्रिया चल रही हो। लेकिन फरवरी-मार्च में अचानक बढ़ने वाला तापमान फसल के लिए बड़ा खतरा बन जाता है। इस हीट स्ट्रेस के कारण दाने ठीक से नहीं भर पाते, बालियां सूखने लगती हैं और अंत में पैदावार कम हो जाती है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है – गेहूं की बालियां लंबी और मोटी कैसे बनाएं? इसका जवाब है: फसल में नमी का सही प्रबंधन और पोटाश का समय पर उपयोग। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपको क्या करना चाहिए।
हीट स्ट्रेस से बचाव का सबसे आसान तरीका: सही सिंचाई wheat management
- तेज गर्मी में फसल को सूखने से बचाने के लिए नमी बनाए रखना सबसे जरूरी है।
- भारी पानी देने की बजाय हल्की और बार-बार सिंचाई करें।
- सिंचाई का समय ऐसा चुनें जब तेज हवा न चल रही हो, ताकि फसल गिरने (लॉजिंग) का खतरा कम हो।
- इससे दाने अच्छी तरह भरेंगे और बालियां लंबी-मोटी बनेंगी।
पोटाश का स्प्रे: बालियों को चमकदार और वजनदार बनाने का रामबाण तरीका
पोटाश फसल को गिरने से बचाता है और दानों की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। फसल की अवस्था के अनुसार सही उर्वरक चुनें:
- यदि बालियां अभी निकल रही हैं या गोभ की अवस्था में हैं
- NPK 0:52:34 को 1 किलो प्रति एकड़ की दर से घोल बनाकर स्प्रे करें।
- इसमें 100 ग्राम बोरोन जरूर मिलाएं।
- बोरोन बालियों को ऊपर से नीचे तक एकसमान भरने में मदद करता है, जिससे हर दाना भरा-पूरा और मोटा बनेगा।
- यदि बालियां पूरी तरह बाहर निकल चुकी हैं
- NPK 0:0:50 (पोटेशियम सल्फेट) का स्प्रे करें।
- यह दानों को ज्यादा वजनदार, मोटा और चमकदार बनाता है।
- परिणामस्वरूप बाजार में बेहतर दाम मिलते हैं।
क्यों है पोटाश इतना जरूरी?
- यह फसल को लॉजिंग (गिरने) से बचाता है।
- दानों का आकार बढ़ाता है और चमक लाता है।
- हीट स्ट्रेस के प्रभाव को कम करता है।
- अंतिम पैदावार में 10-15% तक का इजाफा हो सकता है।
किसान भाइयो, गेहूं की फसल का यह अंतिम पड़ाव आपकी मेहनत का फल देने वाला है। बस थोड़ी सावधानी बरतें – सही समय पर हल्की सिंचाई और पोटाश आधारित स्प्रे जरूर करें। इससे आपकी बालियां न केवल लंबी और मोटी होंगी, बल्कि दाने भी भरे-पूरे और चमकदार बनेंगे।